Masti Mein Chhed Ke Tarane

Lyrics
मस्ती में छेड़ के तराना कोई दिल का आज लुटाएगा ख़ज़ाना कोई दिल का मस्ती में छेड़ के तराना कोई दिल का आज लुटाएगा ख़ज़ाना कोई दिल का प्यार बहलता नहीं बहलाने से प्यार बहलता नहीं बहलाने से लो मैं चमन को चला वीराने से शम्मा है कब से जुदा परवाने से अश्क थमेंगे नज़र मिल जाने से दिल से मिलेगा दीवाना कोई दिल का आज लुटाएगा ख़ज़ाना कोई दिल का मस्ती में छेड़ के तराना कोई दिल का आज लुटाएगा ख़ज़ाना कोई दिल का मिल के वो पहले बहुत शरमाएगी मिल के वो पहले बहुत शरमाएगी आगे बढ़ेगी मगर रुक जाएगी होके क़रीब कभी घबराएगी और क़रीब कभी खींच आएगी खेल नहीं है मनाना कोई दिल का आज लुटाएगा ख़ज़ाना कोई दिल का मस्ती में छेड़ के तराना कोई दिल का आज लुटाएगा ख़ज़ाना कोई दिल का मुखड़े से ज़ुल्फ़ ज़रा सरकाऊँगा हाय, मुखड़े से ज़ुल्फ़ ज़रा सरकाऊँगा सुलझेगा प्यार, उलझ मैं जाऊँगा पाके भी हाय बहुत पछताऊँगा ऐसा सुक़ून कहाँ फिर पाऊँगा? और नहीं है ठिकाना कोई दिल का आज लुटाएगा ख़ज़ाना कोई दिल का मस्ती में छेड़ के तराना कोई दिल का आज लुटाएगा ख़ज़ाना कोई दिल का
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Credits
- Writers
- Kaifi Azmi