Chaudhvin Ka Chand

Album cover art for "Chaudhvin Ka Chand" by Mohammed Rafi

Mohammed Rafi - Pop, Indian Classical

Chaudhvin Ka Chand

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Lyrics

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[Chorus] चौदवीं का चाँद हो या आफ़ताब हो? जो भी हो तुम ख़ुदा की क़सम, लाजवाब हो चौदवीं का चाँद हो या आफ़ताब हो? जो भी हो तुम ख़ुदा की क़सम, लाजवाब हो चौदवीं का चाँद हो... [Verse 1] ज़ुल्फें हैं जैसे काँधों पे बादल झुके हुए आँखें हैं जैसे मय के प्याले भरे हुए मस्ती है जिसमें प्यार की, तुम वो शराब हो चौदवीं का चाँद हो... [Verse 2] चेहरा है जैसे झील में हँसता हुआ कँवल या ज़िंदगी के साज़ पे छेड़ी हुई ग़ज़ल जान-ए-बहार, तुम किसी शायर का ख़्वाब हो चौदवीं का चाँद हो... [Verse 3] होंठों पे खेलती हैं तबस्सुम की बिजलियाँ सजदे तुम्हारी राह में करती है कहकशाँ दुनिया-ए-हुस्न-ओ-इश्क़ का तुम ही शबाब हो [Outro] चौदवीं का चाँद हो या आफ़ताब हो? जो भी हो तुम ख़ुदा की क़सम, लाजवाब हो चौदवीं का चाँद हो...

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Credits

Writers
  • Shakeel Badayuni