Om Jai Jagdish Hare (Aarti)

Lata Mangeshkar - Pop, हिंदी (Hindi)
Om Jai Jagdish Hare (Aarti)
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Duration: 2:56
Lyrics
[Intro] ॐ जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट दास जनों के संकट क्षण में दूर करे ॐ जय जगदीश हरे [Verse 1] जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का स्वामी दुःख बिनसे मन का सुख सम्पति घर आवे सुख सम्पति घर आवे कष्ट मिटे तन का [Chorus] ॐ जय जगदीश हरे [Verse 2] मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी स्वामी शरण गहूं मैं किसकी तुम बिन और न दूजा तुम बिन और न दूजा आस करूं मैं जिसकी [Chorus] ॐ जय जगदीश हरे [Verse 3] तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी स्वामी तुम अन्तर्यामी पारब्रह्म परमेश्वर पारब्रह्म परमेश्वर तुम सब के स्वामी [Chorus] ॐ जय जगदीश हरे [Verse 4] तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता स्वामी तुम पालनकर्ता मैं मूरख फलकामी मैं सेवक तुम स्वामी कृपा करो भर्ता [Chorus] ॐ जय जगदीश हरे [Verse 5] तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति स्वामी सबके प्राणपति किस विधि मिलूं गोसाई किस विधि मिलूं गोसाई तुमको मैं कुमति [Chorus] ॐ जय जगदीश हरे [Verse 6] दीन-बन्धु दुःख-हर्ता, ठाकुर तुम मेरे स्वामी ठाकुर तुम मेरे अपने हाथ बढ़ाओ अपने हाथ बढ़ाओ द्वार पड़ो तेरे [Chorus] ॐ जय जगदीश हरे [Verse 7] विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा स्वमी पाप हरो देवा श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ सन्तन की सेवा [Chorus] ॐ जय जगदीश हरे [Outro] जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट दास जनों के संकट क्षण में दूर करे ॐ जय जगदीश हरे ॐ जय जगदीश हरे ॐ जय जगदीश हरे
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