Turpeya

Album cover art for "Turpeya" by Vishal & Shekhar & Sukhwinder Singh

Vishal & Shekhar & Sukhwinder Singh - Pop

Turpeya

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Lyrics

Language:

चार पैसे कमावन ली मैं आया घर से दूर घर से दूर मैं आया लेकिन घर ना मुझसे दूर देख मेरे बटुए विच दिल दे मेरे बटुए विच अब भी घर दा फोटो सीना चीर के चेक कर लेना डाउट जे कोई हो तो केहना तुर्पेया, मैं तुर्पेया मैं तुर्पेया घर से दूर केहना तुर्पेया, मैं तुर्पेया पर जाणा लौट ज़ुरूर केहना तुर्पेया, मैं तुर्पेया मैं तुर्पेया घर से दूर केहना तुर्पेया, मैं तुर्पेया पर जाणा लौट ज़ुरूर सब मिल गया, पर ना मिला घर जैसा कोई सुरूर मैं तुर्पेया, मैं तुर्पेया पर जाणा लौट ज़रूर हो, रोज़ पीपे पिगदी परदेसों में नहीं बात झप्पी वाली संदेसों में नहीं फुरसतों भरा समां हाँ मिलता है यहाँ रिश्तों में गर्माहट वैसी लगती यहाँ कहाँ हाय चार पैसे बचावण लयी मैं तुर्पेया, ओ मैं तुर्पेया होए घर पे ख़ुशी लियावण लई मैं तुर्पेया, हाय मैं तुर्पेया मैं ते यहाँ पे आके जाणा थौणे जैसा मुल्क बेगाना किस्मत वाला है जो पीछे मुड़ गया, मुड़ गया, मुड़ गया मैं तुर्पेया, मैं तुर्पेया मैं तुर्पेया घर से दूर के मैं तुर्पेया, मैं तुर्पेया पर जाणा लौट ज़रूर के मैं तुर्पेया, मैं तुर्पेया मैं तुर्पेया घर से दूर के मैं तुर्पेया, मैं तुर्पेया पर जाणा लौट ज़रूर हो, धूप खेतों की वो, यादों में है अभी एक लड़की जैसी, लगती थी वो कभी गर्मियाँ निगाह में, मीठी सी अदा अब भी है अपना दिल उसपे पहले जैसा फ़िदा ओये यार मुझको पियावन नहीं मैं तुर्पेया, मैं तुर्पेया उसको पास भुलावन नहीं मैं तुर्पेया, ओ मैं तुर्पेया देख जग दे मस्ती तेरे पर वो दिल में बसती मेरे याद में जिसकी ये दिल यूँही भर गया, भर गया, भर गया मैं तुर्पेया, मैं तुर्पेया...

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Credits

Writers
  • Irshad Kamil