Intezari Unplugged

Lyrics
आ ना, आ भी जाना, इन्तेज़ारी है तेरी ले जा, जो रिश्तों की रेज़गारी है तेरी वो जो हम रोये साथ थे भीगे दिन और रात थे खारे खारे पानी की कहानी वो लेजा ना आ ना, आ भी जाना, इन्तेज़ारी है तेरी ले जा, जो रिश्तों की रेज़गारी है तेरी दाँत काटे, संग बांटे खटे मीठे का मज़ा है ज़बाँ पे अब भी ताज़ा साथिया चाँद देखा था जो हमने चार आँखों से कभी कैसे देखूँ उसको तनहा साथिया? दाँत काटे, संग बांटे खटे मीठे का मज़ा है ज़बाँ पे अब भी ताज़ा साथिया चाँद देखा था जो हमने चार आँखों से कभी कैसे देखूँ उसको तनहा साथिया? कभी यूँही तकना तुझे, यूँही देखना कभी बैठे बैठे यूँही तुझे सोचना वो पल क़रार के वो जो थे लम्हें प्यार के उन्हें मेरे ख़्वाबों से खयालों से ले जा ना आ ना, आ भी जाना इन्तेज़ारी है तेरी ले जा, जो रिश्तों की रेज़गारी है तेरी दाँत काटे, संग बांटे खटे मीठे का मज़ा है ज़बाँ पे अब भी ताज़ा साथिया चाँद देखा था जो हमने चार आँखों से कभी कैसे देखूँ उसको तनहा साथिया? दाँत काटे, संग बांटे खटे मीठे का मज़ा है ज़बाँ पे अब भी ताज़ा साथिया चाँद देखा था जो हमने चार आँखों से कभी कैसे देखूँ उसको तनहा साथिया?
Rate this song
0/5.0 - 0 Ratings
Loading comments...
Credits
- Writers
- Shakeel Azmi