Breathless (Reprise)

Shankar Mahadevan - Pop, हिंदी (Hindi)
Breathless (Reprise)
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Duration: 2:58
Lyrics
[Intro] मैं हूँ और खोये हुए प्यार की यादें हैं मैं हूँ और खोये हुए प्यार की यादें हैं मैं हूँ और खोये हुए प्यार की यादें हैं [Verse] अब जो मेरे दिन और अब जो मेरी राते हैं उनमें सिर्फ आँसू हैं उनमें सिफ दर्द की, रंज की बातें हैं और फरियादें हैं मेरा अब कोई नहीं मैं हूँ और खोये हुए प्यार की यादें हैं डूब गया है दिल ग़म के अँधेरे में मेरी सारी दुनिया है दर्द के घेरे में मेरे सारे गीत ढले आहों में बन के दीवाना अब यहाँ वहाँ फिरता हूँ ठोकर खाता हूँ उन राहों में जहाँ उसे देखा था, जहाँ उसे चाहा था जहाँ मैं हँसा था और बाद में रोया था जहाँ उसे पाया था, पा के खोया था जहाँ कभी फूलों के कलियों के साए थे रंगीं-रंगीं महकी रुत ने हर इक कदम पर रास रचाए थे गुलशन-गुलशन दिन में उजाले थे जगमग-जगमग नूर था रातों में झिलमिल-झिलमिल जब मैंने ख़्वाबों की देखी थी मंज़िल जहाँ मेरी कश्ती ने पाया था साहिल जहाँ मैंने पाई थी पलकों की छाँव जहाँ मेरी बाहों में कल थी किसी की मरमरी बाहें जहाँ एक चेहरे से हटती नहीं थी मेरी निगाहें जहाँ कल नरमी ही नरमी थी प्यार ही प्यार था बातों में, हाथ थे हाथों में जहाँ कल गाये थे प्रेम तराने जहाँ कल देखे थे सपने सुहाने किसी को सुनाए थे दिल के फ़साने जहाँ कल खाई थी जीने की, मरने की कसमें तोड़ी थी दुनिया की सारी रस्में जहाँ कल बरसा था प्रीत का बादल जहाँ मैंने थामा था कोई आँचल जहाँ पहली बार हुआ था मैं पागल अब उन राहों में कोई नहीं है अब हैं वो राहें वीराँ-वीराँ दिल भी है जैसे हैराँ-हैराँ जाने कहाँ गया मेरे सपनों का मेला ऐसे ही ख्यालों में खोया-खोया घूम रहा था मैं कबसे अकेला चंदा सितारे जैसा कोई गगन में गूंजी सदा कोई मन आँगन में किसी ने पुकारा मुझे, मुड़ के जो देखा मैंने मिल गया खोया हुआ दिल का सहारा मुझे जिसे मैंने चाहा था जिसे मैंने पूजा था लौट के आया है, थोड़ा शर्मिंदा है, थोड़ा घबराया है ज़ुल्फें परेशाँ हैं, काँपते होठ और भीगी हुई आँखें हैं देख रहा है मुझे गुमसुम-गुमसुम उसकी नज़र जैसे पूछ रही हो इतना बता दो कहीं खफ़ा तो नहीं तुम प्यार जो देखा फिर मेरी निगाहों में आया नहीं कल था वो मेरी इन बाहों में भूल गया मेरा दिल जैसे हर ग़म बदल गया जैसे दुनिया का मौसम [Outro ] झूमें नज़ारे और झूमी फ़िज़ाएँ और झूमें चमन और झूमी हवाएँ जैसे फिर कहने लगी सारी दिशाएँ कितनी हसीं है कितनी सुहानी हम दोनों की प्रेम कहानी हम दोनों की प्रेम कहानी हम दोनों की प्रेम कहानी
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Credits
- Writers
- Javed Akhtar