Doori

Lyrics
कोई मुझको ये बताये क्यूँ ये दूरी और मजबूरी इस दुनिया की क्या स्टोरी किसके हाथ में इसकी डोरी राईट में बिल्डिंग आसमान को छू री लेफ्ट में बच्ची भूखी सड़कों पे सो री कैसी ये मजबूरी पैसा रहना है ज़रूरी नहीं तो कैसे होगी पूरी तेरी सीना जोरी लम्बी गाड़ी जितनी किसकी खौली आये चावल की खाली बोरी एक पैसो से भरी पूरी कैसी ये मजबूरी हाँ, बोल ना अब देखो तो हम पास हैं लेकिन सोचो कितनी दूरी है अब कैसी ये मजबूरी है अब सोचो कितनी दूरी है अब देखो तो हम पास हैं लेकिन सोचो कितनी दूरी है कैसी ये मजबूरी है सोचो कितनी दूरी है ये तो सारा 200 टक्का डन है जितना काल तेरा मन उतना काल तेरा धन वो तफरा शूट करते बोले गन ये तरफ़ा करके है चिलम वहां पे पेटी-पेटी रम वहां पे खेती-खेती गंध एक दुनिया में दो दुनिया उजाला एक अँधेरा एक सेठ जी और एक चेला कहीं तो मोती मेल में कोई जी रहा है अकेला कहीं तो लोकल डिब्बे में है रेल पे है रेला उनकी सेवा इनकी मेवा अब देखो तो हम पास हैं लेकिन सोचो कितनी दूरी है अब कैसी ये मजबूरी है अब सोचो कितनी दूरी है अब देखो तो हम पास हैं लेकिन सोचो कितनी दूरी है कैसी ये मजबूरी है सोचो कितनी दूरी है घर पे सबके अपने अपने गम हैं दीवारे ज्यादा और बोले कमरे यहाँ काम हैं सोच में ये वज़न है क्योंकि खाली सब बर्तन है मेरा करमा या करम है अब तो तोड़ना ये भरम है मुझको सीने से लगा के कुछ नहीं कहती मेरी माँ बस रोती मेरी माँ मेरी फौजी मेरी माँ मेरी बोली लोरी मत रोना मत रोना अब तो होनी अनहोनी अब होनी है अनहोनी माँ अब देखो तो हम पास हैं लेकिन सोचो कितनी दूरी है अब कैसी ये मजबूरी है अब सोचो कितनी दूरी है अब देखो तो हम पास हैं लेकिन सोचो कितनी दूरी है कैसी ये मजबूरी है सोचो कितनी दूरी है
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Credits
- Writers
- DIVINE
- Javed Akhtar