Ghar Bhara Sa Lage

Lyrics
[Intro] कुछ ना होने का दुख ज़रा सा लगे, ज़रा सा लगे कुछ ना होने का दुख ज़रा सा लगे, ज़रा सा लगे तेरे होने से, तेरे होने से... तेरे होने से घर भरा सा लगे, घर भरा सा लगे [Verse 1] तेरी खुशबू है घर की रग-रग में तेरी परछाई में है १०० नग़में इश्क़ ने दिए हैं जो खुश होके तेरे बोसे तो हैं मेरे तगमें [Pre-Chorus] अच्छी आदत मेरी सिर्फ़ तुम हो मानो इज़्ज़त मेरी सिर्फ़ तुम हो [Chorus] बिन तेरे वक्त भी बुरा सा लगे, बुरा सा लगे कुछ ना होने का दुख ज़रा सा लगे, ज़रा सा लगे [Verse 2] तेरे पहलू में रखना है सर को तेरी नज़रों से देखेंगे घर को मैंने गहनों सा पहना है देखो तेरी चाहत, तेरे आदर को [Pre-Chorus] ऐश-ओ-इशरत मेरी सिर्फ़ तुम हो सारी दौलत मेरी सिर्फ़ तुम हो [Chorus] बिन तेरे घर भी मक़बरा सा लगे, मक़बरा सा लगे कुछ ना होने का दुख ज़रा सा लगे, ज़रा सा लगे [Outro] तेरे होने से, तेरे होने से... तेरे होने से घर भरा सा लगे
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Credits
- Writers
- Irshad Kamil