Zulf Ghata

Lyrics
[Intro] ज़ुल्फ़ घटा बन कर लहराए, आँख कँवल हो जाए ज़ुल्फ़ घटा बन कर लहराए, आँख कँवल हो जाए शायर तुम को पल-भर सोचे और ग़ज़ल हो जाए और ग़ज़ल हो जाए ज़ुल्फ़ घटा बन कर लहराए, आँख कँवल हो जाए [Verse 1] जिस दीपक को हाथ लगा दो, जले हज़ारों साल जिस दीपक को हाथ लगा दो, जले हज़ारों साल जले हज़ारों साल [Chorus] जिस कुटिया में रात बिता दो, ताज-महल हो जाए जिस कुटिया में रात बिता दो, ताज-महल हो जाए शायर तुम को पल-भर सोचे और ग़ज़ल हो जाए ज़ुल्फ़ घटा बन कर लहराए, आँख कँवल हो जाए [Verse 2] कितनी यादें आ जाती हैं दस्तक दिए बग़ैर कितनी यादें आ जाती हैं दस्तक दिए बग़ैर दस्तक दिए बग़ैर [Chorus] अब इतना भी सूनापन क्या, घर जंगल हो जाए अब इतना भी सूनापन क्या, घर जंगल हो जाए शायर तुम को पल-भर सोचे और ग़ज़ल हो जाए ज़ुल्फ़ घटा बन कर लहराए, आँख कँवल हो जाए [Verse 3] तू आए तो पंख लगा कर उड़ जाती है शाम तू आए तो पंख लगा कर उड़ जाती है शाम उड़ जाती है शाम [Chorus] मीलों लंबी रात सिमट कर पल-दो-पल हो जाए मीलों लंबी रात सिमट कर पल-दो-पल हो जाए शायर तुम को पल-भर सोचे और ग़ज़ल हो जाए ज़ुल्फ़ घटा बन कर लहराए, आँख कँवल हो जाए ज़ुल्फ़ घटा बन कर लहराए, आँख कँवल हो जाए
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Credits
- Writers
- Qaiser-Ul-Jafri