Zindagi Ne Maut Se Parda Kiya

Lyrics
[Intro] मर-मर के मुसाफ़िर ने बसाया है तुझे रुख़ सब से फिरा के मुँह दिखाया है तुझे क्यूँ कर ना लिपट के सोऊँ तुझसे, ऐ कब्र? ज़िंदगी देके मैंने पाया है तुझे [Chorus] ज़िंदगी ने मौत से पर्दा किया ऐ कफ़न, तूने तो शर्मिंदा किया ज़िंदगी ने मौत से पर्दा किया ऐ कफ़न, तूने तो शर्मिंदा किया ज़िंदगी ने मौत से पर्दा किया [Verse 1] उनको आना था, ना आए और यहाँ उनको आना था, ना आए और यहाँ उनको आना था, ना आए और यहाँ मरने वाला रास्ता देखा किया मरने वाला रास्ता देखा किया [Chorus] ऐ कफ़न, तूने तो शर्मिंदा किया ज़िंदगी ने मौत से पर्दा किया [Verse 2] कोई भी महफ़िल हो, जी लगता नहीं कोई भी महफ़िल हो, जी लगता नहीं कोई भी महफ़िल हो, जी लगता नहीं उसकी यादों ने हमें तन्हा किया उसकी यादों ने हमें तन्हा किया [Chorus] ऐ कफ़न, तूने तो शर्मिंदा किया ज़िंदगी ने मौत से पर्दा किया [Verse 3] था उसे कितना बिछड़ने का मलाल था उसे कितना बिछड़ने का मलाल था उसे कितना बिछड़ने का मलाल जाते-जाते वो मुझे देखा किया जाते-जाते वो मुझे देखा किया [Chorus] ऐ कफ़न, तूने तो शर्मिंदा किया ज़िंदगी ने मौत से पर्दा किया ऐ कफ़न, तूने तो शर्मिंदा किया ज़िंदगी ने मौत से पर्दा किया ज़िंदगी ने मौत से पर्दा किया
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Credits
- Writers
- Sheikh Adam Aboowala