Muhabbat Kar Lo Jee Bhar Lo

Lyrics
मोहब्बत कर लो जी भर लो अजी किसने रोका है पर बड़े ग़जब की बात है इसमें भी धोखा है मोहब्बत कर लो जी भर लो अजी किसने रोका है पर बड़े ग़जब की बात है इसमें भी धोखा है शिक़ायत कर लो जी भर लो अजी किसने रोका है हो सके तो दुनिया छोड़ दो दुनिया भी धोखा है शिक़ायत कर लो जी भर लो अजी किसने रोका है हो सके तो दुनिया छोड़ दो दुनिया भी धोखा है शिक़ायत कर लो जहाँ ये मस्ती नज़र में छाई, देता कुछ नही सुझाई जहाँ ये मस्ती नज़र में छाई, देता कुछ नही सुझाई टकरा के नैन मिलता है चैन, मूरख क्यों रोता है टकरा के नैन मिलता है चैन, मूरख क्यों रोता है मूरख क्यों रोता है मोहब्बत कर लो जी भर लो अजी किसने रोका है पर बड़े ग़ज़ब की बात है इसमें भी धोखा है शिक़ायत कर लो जी भर लो अजी किसने रोका है हो सके तो दुनिया छोड़ दो दुनिया भी धोखा है शिक़ायत कर लो मोहब्बत से कुल जहाँ ख़फ़ा है, पर इसमें बड़ा मज़ा है मोहब्बत से कुल जहाँ ख़फ़ा है, पर इसमें बड़ा मज़ा है जब दिल दुखेगा उस दम खुलेगा इसमें क्या होता है जब दिल दुखेगा उस दम खुलेगा इसमें क्या होता है इसमें क्या होता है शिक़ायत कर लो जी भर लो अजी किसने रोका है हो सके तो दुनिया छोड़ दो दुनिया भी धोखा है मोहब्बत कर लो जी भर लो अजी किसने रोका है पर बड़े ग़जब की बात है इसमें भी धोखा है मोहब्बत कर लो मिलन चाहो तो मिले जुदाई उल्फ़त में यही बुराई मिलन चाहो तो मिले जुदाई उल्फ़त में यही बुराई सब रंज भूल खिलता है फूल भँवरा जब मिलता है सब रंज भूल खिलता है फूल भँवरा जब मिलता है भँवरा जब मिलता है मोहब्बत कर लो जी भर लो अजी किसने रोका है पर बड़े ग़जब की बात है इसमें भी धोखा है शिक़ायत कर लो जी भर लो अजी किसने रोका है हो सके तो दुनिया छोड़ दो दुनिया भी धोखा है शिक़ायत कर लो
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Credits
- Writers
- Majrooh Sultanpuri