Chor Bazaari

Album cover art for "Chor Bazaari" by Neeraj Shridhar

Neeraj Shridhar - Pop, हिंदी (Hindi)

Chor Bazaari

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[Neeraj Shridhar & Sunidhi Chauhan "Chor Bazaari" के बोल] [Instrumental Intro] [Chorus: Neeraj Shridhar, Sunidhi Chauhan] चोर बज़ारी दो नैनो की, पहले थी आदत जो हट गई प्यार की जो तेरी-मेरी उम्र आई थी वो कट गई दुनिया की तो फ़िकर कहा थी, तेरी भी अब चिंता घट गई तू भी तू है, मैं भी मैं हूं, दुनिया सारी देख उलट गई तू ना जाने, मैं ना जानू, कैसे सारी बात पलट गई घटनी ही थी ये भी घटना, घटते-घटते लो ये घट गई हा, चोर बज़ारी दो नैनो की, पहले थी आदत जो हट गई [Verse 1: Neeraj Shridhar] तारीफ तेरी करना, तुझे खोने से डरना हा, भूल गया अब तुझ पे दिन में चार दफ़ा मरना तारीफ तेरी करना, तुझे खोने से डरना हा, भूल गया अब तुझ पे दिन में चार दफ़ा मरना [Chorus: Sunidhi Chauhan, Neeraj Shridhar] प्यार खुमारी उतरी सारी, बातों की बदली भी छठ गई हम से मैं पे आई ऐसे, मुझको तो मैं ही मैं रट गई एक हुए थे दो से दोनों, दोनों की अब राहे बट गई [Instrumental Break] [Verse 2: Neeraj Shridhar] अब कोई फ़िकर नहीं, ग़म का भी ज़िकर नहीं हा, होता हूं मैं जिस रस्ते पे, आए खुशी वही आज़ाद हूं मैं तुझसे, आज़ाद है तू मुझसे हा, जो जी चाहे, जैसे चाहे, करले आज यही [Chorus: Sunidhi Chauhan, Neeraj Shridhar] लाज-शरम की छोटी-मोटी जो थी डोरी वो भी कट गई चौक-चौबारे, गली-मोहल्ले, खोल के मैं सारे घूंघट गई तू ना बदली, मैं ना बदला, दिल्ली सारी देख बदल गई एक घूंट में दुनियादारी की मैं सारी समझ निगल गई हा, रंग-बिरंगा पानी पी के सीधी-साधी कुड़ी बिगड़ गई देख के मुझको हस्ता-गाता, सड़ गई, ये दुनिया सड़ गई

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