Chingari Koi Bhadke

Lyrics
[Intro] हम्म, चिंगारी कोई भड़के... चिंगारी कोई भड़के तो सावन उसे बुझाए सावन जो अगन लगाए, उसे कौन बुझाए? हो, उसे कौन बुझाए? [Chorus] पतझर जो बाग़ उजाड़े, वो बाग़ बहार खिलाए जो बाग़ बहार में उजड़े, उसे कौन खिलाए? हो, उसे कौन खिलाए? [Verse 1] हमसे मत पूछो, "कैसे मंदिर टूटा सपनों का?" हमसे मत पूछो, "कैसे मंदिर टूटा सपनों का?" लोगों की बात नहीं है, ये क़िस्सा है अपनों का [Chorus] कोई दुश्मन ठेस लगाए तो मीत जिया बहलाए मनमीत जो घाव लगाए, उसे कौन मिटाए? [Verse 2] ना जाने क्या हो जाता, जाने हम क्या कर जाते ना जाने क्या हो जाता, जाने हम क्या कर जाते पीते हैं तो ज़िंदा हैं, ना पीते तो मर जाते [Chorus] दुनिया जो प्यासा रखे तो मदिरा प्यास बुझाए मदिरा जो प्यास लगाए, उसे कौन बुझाए? हो, उसे कौन बुझाए? [Verse 3] माना तूफ़ाँ के आगे नहीं चलता ज़ोर किसी का माना तूफ़ाँ के आगे नहीं चलता ज़ोर किसी का मौजों का दोष नहीं है, ये दोष है और किसी का [Chorus] मझधार में नैया डोले तो माझी पार लगाए माझी जो नाव डुबोए, उसे कौन बचाए? हो, उसे कौन बचाए? [Outro] चिंगारी हम्म-हम्म-हम्म हम्म-हम्म-हम्म
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Credits
- Writers
- Anand Bakshi