Shayad Main Zindagi Ki Sahar

Album cover art for "Shayad Main Zindagi Ki Sahar" by Jagjit Singh

Jagjit Singh - Pop, India

Shayad Main Zindagi Ki Sahar

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Duration: 6:51

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Lyrics

Language:

शायद मैं ज़िंदगी की सहर लेके आ गया शायद मैं ज़िंदगी की सहर लेके आ गया क़ातिल को आज अपने ही घर लेके आ गया शायद मैं ज़िंदगी की सहर लेके आ गया ता-उम्र ढूँढता रहा मंज़िल मैं इश्क़ की ता-उम्र ढूँढता रहा मंज़िल मैं इश्क़ की अंजाम ये के गर्द-ए-सफ़र लेके आ गया अंजाम ये के गर्द-ए-सफ़र लेके आ गया क़ातिल को आज अपने ही घर लेके आ गया नश्तर है मेरे हाथ में, कांधों पे मैक़दा नश्तर है मेरे हाथ में, कांधों पे मैक़दा लो मैं इलाज-ए-दर्द-ए-जिगर लेके आ गया लो मैं इलाज-ए-दर्द-ए-जिगर लेके आ गया क़ातिल को आज अपने ही घर लेके आ गया फ़ाकिर सनमकदे में न आता मैं लौटकर 'फ़ाकिर' सनमकदे में न आता मैं लौटकर इक ज़ख़्म भर गया था इधर लेके आ गया इक ज़ख़्म भर गया था इधर लेके आ गया शायद मैं ज़िंदगी की सहर लेके आ गया क़ातिल को आज अपने ही घर लेके आ गया

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Credits

Writers
  • Sudarshan Faakir