Kabhi Ghuncha Kabhi Shola

Album cover art for "Kabhi Ghuncha Kabhi Shola" by Jagjit Singh

Jagjit Singh - Pop, India

Kabhi Ghuncha Kabhi Shola

2 Plays

Duration: 4:50

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Lyrics

Language:

कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह लोग मिलते हैं बदलते हुए मौसम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह मेरे महबूब, मेरे प्यार को इल्ज़ाम ना दे मेरे महबूब, मेरे प्यार को इल्ज़ाम ना दे हिज्र में ईद मनाई है मोहर्रम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह मैंने ख़ुशबू की तरह तुझ को किया है महसूस मैंने ख़ुशबू की तरह तुझ को किया है महसूस दिल ने छेड़ा है तेरी याद को शबनम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह कैसे हमदर्द हो तुम? कैसी मसीहाई है? कैसे हमदर्द हो तुम? कैसी मसीहाई है? दिल पे नश्तर भी लगाते हो तो मरहम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह लोग मिलते हैं बदलते हुए मौसम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह

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Credits

Writers
  • Rana Sahari