Intezari Unplugged

Album cover art for "Intezari Unplugged" by Ayushmann Khurrana

Ayushmann Khurrana - Pop, India

Intezari Unplugged

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Lyrics

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आ ना, आ भी जाना, इन्तेज़ारी है तेरी ले जा, जो रिश्तों की रेज़गारी है तेरी वो जो हम रोये साथ थे भीगे दिन और रात थे खारे खारे पानी की कहानी वो लेजा ना आ ना, आ भी जाना, इन्तेज़ारी है तेरी ले जा, जो रिश्तों की रेज़गारी है तेरी दाँत काटे, संग बांटे खटे मीठे का मज़ा है ज़बाँ पे अब भी ताज़ा साथिया चाँद देखा था जो हमने चार आँखों से कभी कैसे देखूँ उसको तनहा साथिया? दाँत काटे, संग बांटे खटे मीठे का मज़ा है ज़बाँ पे अब भी ताज़ा साथिया चाँद देखा था जो हमने चार आँखों से कभी कैसे देखूँ उसको तनहा साथिया? कभी यूँही तकना तुझे, यूँही देखना कभी बैठे बैठे यूँही तुझे सोचना वो पल क़रार के वो जो थे लम्हें प्यार के उन्हें मेरे ख़्वाबों से खयालों से ले जा ना आ ना, आ भी जाना इन्तेज़ारी है तेरी ले जा, जो रिश्तों की रेज़गारी है तेरी दाँत काटे, संग बांटे खटे मीठे का मज़ा है ज़बाँ पे अब भी ताज़ा साथिया चाँद देखा था जो हमने चार आँखों से कभी कैसे देखूँ उसको तनहा साथिया? दाँत काटे, संग बांटे खटे मीठे का मज़ा है ज़बाँ पे अब भी ताज़ा साथिया चाँद देखा था जो हमने चार आँखों से कभी कैसे देखूँ उसको तनहा साथिया?

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Credits

Writers
  • Shakeel Azmi