Ishaq Chaliya

Lyrics
छलिया दुनिया दे वखरे रंग आशिक हुंदे ने मस्त मलंग छलिया दुनिया दे वखरे रंग आशिक हुंदे ने मस्त मलंग इश्कां दा चक्का घूमे नाल नाल दुनिया घूमे दर्दा दा सुरूर सब नु पसंद जले बुझे गिरे उठे उड़े चले पर लगे इश्क मूषक लड़ चले बढ़े बढ़ता ही जाए जाए इशक छलिया जले बुझे गिरे उठे... बहती महकश में ऐसे बहता सा समां हो जलती चांदनी हो जैसे हो हो चमकी चकाचोंध से इश्क दा की लैणा हो सजदी सारी दुनिया में है न इश्क सा कोई गहना ऊँची उड़ान, जीते ज़बान अनमोल यारियां (यारियां) लाखों की लाली, जग सारा माटी यार मेरा सोणा जले बुझे गिरे उठे... खुशियाँ दौलतों में तोले सारा ज़माना (ज़माना) तू ही है मेरा खज़ाना हो हो हो मिलते रास्तों में है मिली मंजिल जैसे तू हो जग की जागीरों से मुझे हासिल ऐसे तू तुझको तलाश, तुझको तराश सब कुछ कमा लिया वादे वफायें ना आजमायें नुकसान या नफा लड़ रहे लड़ रहे संग रहे बस चले पलक पलक मिल अकेले बढ़े बढ़ता ही जाए जाए इशक छलिया वादा तुझे संग लेके रंग लेके दुनिया से अलग थलग जाऊं पाऊं ऐसे बढ़ता ही जाए जाए इशक छलिया सोह्नेया कर ना मैं तेरा खयाल रखणा तैनू सारी उमर संभाल सोह्नेया कर ना मैं तेरा ख्याल रखणा तैनू सारी उमर संभाल एक प्यार जो होणा तेरा तेरे नाल जो लाया फेरा बन जाणा हुण मैं तेरे रंग जले बुझे गिरे उठे...
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Credits
- Writers
- Siddharth-Garima