Dhaagon Se Baandhaa

Lyrics
कच्चे धागों का ये रिश्ता बन जाता है बचपन से मरते दम तक साथ निभाएँ बंध के रक्षाबंधन से धागों से बाँधा एहसास दिल के रिश्ते का रिश्ता ये अपना रब की रुबाई मैं रहूँ ना मैं तेरे बिना, तू रहे ना तू मेरे बिना मैं रहूँ ना मैं तेरे बिना, तू रहे ना तू मेरे बिना धागों से बाँधा एहसास तुमसे मिलने का मिलना ये अपना रब की रुबाई मैं रहूँ ना मैं तेरे बिना, तू रहे ना तू मेरे बिना मैं रहूँ ना मैं तेरे बिना, तू रहे ना तू मेरे बिना तुमसे ही तो खिलते सारे फूल उम्मीदों वाले हिम्मत बंध जाती है, जब तू हँस के पास बिठा ले ख़ुशियों का तू सामान है तू साथ है तो यूँ लगे, जीना बड़ा आसान है बातों से बाँधा हर तार अपने रिश्ते का रिश्ता ये अपना रब की रुबाई मैं रहूँ ना मैं तेरे बिना, तू रहे ना तू मेरे बिना मैं रहूँ ना मैं तेरे बिना, तू रहे ना तू मेरे बिना चार दिशाओं जैसी तुम हो मेरे लिए ज़रूरी तुम ना हो तो हर दिन आधा, हर एक शाम अधूरी आधा मुझे रहना नहीं कुछ कम लगे वो घर मुझे जिसमें कोई बहना नहीं यादों से बाँधा जज़्बा ये अपने रिश्ते का रिश्ता ये अपना रब की रुबाई मैं रहूँ ना मैं तेरे बिना, तू रहे ना तू मेरे बिना मैं रहूँ ना मैं तेरे बिना, तू रहे ना तू मेरे बिना
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Credits
- Writers
- Irshad Kamil